
दुर्ग : दुर्ग जिले में भुईया पोर्टल में हेराफेरी कर जमीनों के राजस्व अभिलेखों में बदलाव और बैंक से फर्जी लोन निकालने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना नंदनी नगर और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में गिरधर बंजारे उर्फ अमन बंजारे को पकड़ा गया। प्रकरण में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल है। मामले में और गिरफ्तारियां होना अभी बाकी हैं तथा विवेचना जारी है।
मामला उस समय सामने आया जब तहसीलदार राधेश्याम वर्मा ने 13 अगस्त 2025 को अहिवारा थाना पहुंचकर शिकायत दी कि ग्राम अछोटी और मुरमुंदा के राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर भुईया सॉफ्टवेयर को हैक किया गया है। आरोपियों ने फर्जी बटांकन कर नया खसरा नंबर तैयार किया और इन कूटे हुए दस्तावेजों के आधार पर भारतीय स्टेट बैंक, नंदनी नगर से 36 लाख रुपये का लोन निकाल लिया।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी दिनुराम यादव और उसके सहयोगियों ने षड्यंत्रपूर्वक ऑनलाइन रिकॉर्ड बदलकर अवैध लाभ अर्जित किया। लोन की राशि विभिन्न खातों में तत्काल ट्रांसफर की गई, जिसमें 20,26,547 रुपये नंदकिशोर साहू के खाते में पहुंचे। पुलिस ने मामले में दुर्ग जिले के कई गांवों—मुरमुंदा, अछोटी, बोरसी और चेटूवा—में जमीनों के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की पुष्टि की।
अब तक की कार्रवाई में एन. के. साहू, अमित कुमार मौर्य, गणेश प्रसाद तम्बोली, अशोक उरांव, कोमल साहू, कौशल फेकर, ओम प्रकाश निषाद, देवानंद साहू और शिवचरण कौशल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। आरोपियों द्वारा पटवारी का यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी का उपयोग कर ऑनलाइन पोर्टल में बदलाव करने की पुष्टि हुई है।
ताजा कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी गिरधर बंजारे पर भी पटवारी का आईडी-पासवर्ड लेकर भुईया पोर्टल में छेड़छाड़ करने का आरोप है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया।
इस पूरे मामले में थाना नंदनी नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।














